HINDI CLASS- 7: मल्हार
CHAPTER-3: (फूल और काँटा)
फूल और काँटा – अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
मेरी समझ से
(क)(1) कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
सही उत्तर: काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
कवि ने बताया है कि काँटा लोगों को कष्ट पहुँचाता है। वह उँगलियों को घायल कर देता है तथा कपड़ों को भी फाड़ सकता है।
(क)(2) कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
सही उत्तर:
• फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
• फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
कवि ने बताया है कि दोनों को एक समान वातावरण मिलता है, फिर भी उनके गुण और व्यवहार अलग-अलग होते हैं।
(क)(3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
सही उत्तर:
• व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
• यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
कविता में कर्म और गुणों को कुल या वंश से अधिक महत्व दिया गया है।
(क)(4) कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर: बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
कवि का मानना है कि किसी व्यक्ति की महानता उसके अच्छे आचरण, व्यवहार और गुणों से निर्धारित होती है, न कि केवल उसके कुल या धन से।
(ख) आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
मैंने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि कविता का मुख्य संदेश यह है कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके जन्म, कुल या परिस्थितियों से नहीं बल्कि उसके गुणों और कर्मों से होना चाहिए। फूल और काँटा एक ही पौधे पर पैदा होते हैं, समान वातावरण प्राप्त करते हैं, फिर भी उनके स्वभाव अलग होते हैं। इसी प्रकार मनुष्यों की पहचान भी उनके व्यवहार और चरित्र से होती है।
मिलकर करें मिलान
फूल और काँटे के प्रतीकों का सही मिलान
फूल → दया, अच्छाई, सुख, सुंदरता, कोमलता, आनंद, परोपकार, प्रेम, प्रसन्नता
काँटा → स्वार्थ, बुराई, दुख, कठोरता, पीड़ा
पंक्तियों पर चर्चा
(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”
इन पंक्तियों का अर्थ है कि फूल और काँटे दोनों को समान प्राकृतिक सुविधाएँ प्राप्त होती हैं। दोनों पर एक जैसा पानी बरसता है, एक जैसी हवा बहती है और एक जैसी चाँदनी पड़ती है। फिर भी उनके स्वभाव और कार्य अलग-अलग होते हैं। कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि समान परिस्थितियों में पलने वाले व्यक्तियों के विचार, व्यवहार और चरित्र अलग हो सकते हैं। इसलिए मनुष्य की पहचान उसके कर्मों से होती है।
(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि यदि किसी व्यक्ति में अच्छे गुण, संस्कार और महानता नहीं है, तो उसके बड़े या प्रतिष्ठित कुल का कोई महत्व नहीं रह जाता। कुल की प्रसिद्धि तभी सार्थक है जब व्यक्ति स्वयं भी श्रेष्ठ चरित्र और अच्छे व्यवहार वाला हो। केवल ऊँचे परिवार में जन्म लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने कर्मों से सम्मान अर्जित करना आवश्यक है।
सोच-विचार के लिए
(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
कविता में बताया गया है कि फूल और काँटा एक ही स्थान पर जन्म लेते हैं, एक ही पौधा उन्हें पालता है, उन पर समान रूप से चाँदनी पड़ती है, समान वर्षा होती है और एक जैसी हवाएँ बहती हैं। ये सभी समानताएँ दर्शाती हैं कि दोनों को एक जैसा वातावरण प्राप्त होता है।
(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
फूल का स्वभाव कोमल, सुगंधित और आनंद देने वाला है। वह तितलियों और भँवरों को आकर्षित करता है तथा सभी को प्रसन्नता देता है। इसके विपरीत काँटा कठोर होता है, लोगों को चुभता है और पीड़ा पहुँचाता है। यही दोनों के स्वभाव का मुख्य अंतर है।
(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
कविता का मुख्य संदेश यह है कि किसी व्यक्ति का सम्मान उसके जन्म या परिवार के कारण नहीं बल्कि उसके गुणों और कर्मों के कारण होता है। फूल और काँटे का उदाहरण देकर कवि समझाते हैं कि समान परिस्थितियों में पले-बढ़े लोग भी अपने स्वभाव और कार्यों के कारण अलग पहचान बनाते हैं। इसलिए हमें अच्छे गुणों और सद्कर्मों को अपनाना चाहिए।
(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
इस पंक्ति का अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में अच्छे गुण नहीं हैं, तो उसके प्रतिष्ठित परिवार का कोई महत्व नहीं रह जाता। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति किसी प्रसिद्ध परिवार में जन्म लेकर भी दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करता है, तो लोग उसका सम्मान नहीं करेंगे। दूसरी ओर, साधारण परिवार का व्यक्ति यदि ईमानदार, परिश्रमी और दयालु है, तो समाज में सम्मान प्राप्त करेगा। इसलिए व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों और चरित्र से होती है।
(ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
लोग दयालु, सहायक, विनम्र, ईमानदार और प्रेमपूर्ण स्वभाव वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं। ऐसे लोग फूल की तरह दूसरों के जीवन में सुख और आनंद फैलाते हैं। इसके विपरीत लोग क्रोधी, स्वार्थी, कठोर और दूसरों को कष्ट देने वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं क्योंकि उनका व्यवहार काँटे की तरह पीड़ादायक होता है।